Monday, February 9, 2009

जीत की खुशी कैसी होती है .आजतक मुझे नसीब नही .अभी अधूरी खुशियाँ ही मिली है .जीत की खुशी नही .उसका अभी इंतजार है.वो दिन कब आयेगा पता नही .

6 comments:

shama said...

zaraa din khamosheese jeet lete hain..ehsaas baadme hota hai...jeetke liye zarooree to nahee ki maidane jangme utara jay...apne mrudu bhashya ya halkis-si kisi aur ki dee prathmikataahe dil jeet letee hai, haina...make this a habit...u will be winner all along !
Wecome to my blog !

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर.....आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

नारदमुनि said...

si aat nahi hai jiska hota nahi sawera. narayan narayan

रचना गौड़ ’भारती’ said...

सुंदर
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

दिगम्बर नासवा said...

जरूर आएगा.........
हिम्मत न खोये लगे रहो मुन्ना भाई

Abhishek said...

Swagat.