राडिया के आरोप से तिलमिलाए पवार - LiveHindustan.com
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Thursday, April 14, 2011
Wednesday, April 13, 2011
Friday, April 8, 2011
आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के अंतिम शब्द
'मेरे पास आकर बैठिए, अब मैं चल रहा हूं'.....आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के अंतिम शब्द
आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री....
बिहार सरकार ने आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री को राजेन्द्र शिखर सम्मान और उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत भारती सम्मान प्रदान किया था. भारत सरकार की ओर से उन्हें पद्मश्री देने की घोषणा की गयी थी जिसे किसी विवाद के कारण कवि ने लौटा दिया था. छाया उनकी प्रसिद्ध रचना है.
आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री ..
हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार और वयोवृद्ध कवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री का ह्मदय गति रुक जाने से बिहार के मुजफ्फ़रपुर जिले में निधन हो गया. वह 96 वर्ष के थे.
गोपाल दास
हमारे नेता अंधे और बहरे हैं। वे भारतीय कैदियों की पीड़ा न देख सकते हैं, न महसूस कर सकते हैं.....गोपाल दास .
गोपाल दास ..
जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी जेल में 27 साल काटने के बाद गोपाल दास वीरवार को स्वदेश लौटे....
भारतीय सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद उन्हें पाक राष्ट्रपति जरदारी ने मानवीय आधार पर रिहा किया था।
भारतीय सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद उन्हें पाक राष्ट्रपति जरदारी ने मानवीय आधार पर रिहा किया था।
Thursday, April 7, 2011
Wednesday, April 6, 2011
असफलता एक चुनौती है ....
असफलता एक चुनौती है .. स्वीकार करो ,
क्या कमी रह गई ... देखो ... और सुधार करो
जब तक ना सफल हो ... नींद चैन की त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान .. छोड़ न भागो तुम
कुछ किए बिना ही .. जय-जय कार नहीं होती,
हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती....
क्या कमी रह गई ... देखो ... और सुधार करो
जब तक ना सफल हो ... नींद चैन की त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान .. छोड़ न भागो तुम
कुछ किए बिना ही .. जय-जय कार नहीं होती,
हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती....
हर रहस्य का राज प्रकृति में समाहित है ..
किसी ने मुझसे कहा था की ईश्वर ने आँखें दी है तो उसे खुला रखो .हर जगह तुम्हे कुछ न कुछ सीखने को मिल जायेगा .सच कहा था,उस सज्जन ने ! हर वक्त और हर जगह हम कुछ न कुछ सीखते रहते है .आँखें खुली रखने पर इंसान सक्रीय रहता है और जीवंत भी .सबसे अच्छी बात है... प्रकृति के निकट जाकर सीखना .हाँ इसके लिए वक्त देना होगा .सारे सवालों और उलझनों को प्रकृति की गोद में बैठकर सुलझा सकते है ,पर इसके लिए प्रकृति से प्यार करना होगा एवं उसे समझना होगा .
हर रहस्य का राज प्रकृति में समाहित है ...इसे जानने के लिए प्रकृति की गोद में जाना होगा. आज हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर अपनी जीत का जश्न मना रहे है ,यह बहुत दुखद है .....लोग अपनी सुख सुविधाओं के चक्कर में प्रकृति को बर्बाद कर रहे है ...पर हम यह नहीं जानते , हम अपने ही और अपने बच्चों के फ्यूचर को बर्बाद कर रहे है .
हर रहस्य का राज प्रकृति में समाहित है ...इसे जानने के लिए प्रकृति की गोद में जाना होगा. आज हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर अपनी जीत का जश्न मना रहे है ,यह बहुत दुखद है .....लोग अपनी सुख सुविधाओं के चक्कर में प्रकृति को बर्बाद कर रहे है ...पर हम यह नहीं जानते , हम अपने ही और अपने बच्चों के फ्यूचर को बर्बाद कर रहे है .
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